Rains Alert: अब Punjab से राजस्थान, Delhi और उत्तर प्रदेश तक बरसेंगे बादल, पहाड़ों पर भारी बर्फबारी। 19 जनवरी से 26 जनवरी 2026 के बीच पूरे उत्तर भारत के मौसम में बड़े बदलाव आने वाले हैं। मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि अब कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है और हिसार, दिल्ली व चूरू जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हवाओं की दिशा बदलने से शीतलहर का असर कम हुआ है, लेकिन अब बारिश और बर्फबारी का एक लंबा दौर शुरू होने जा रहा है।
आने वाले दिनों में एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय होंगे। पहला विक्षोभ 19 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी देगा। इसके बाद 22 और 23 जनवरी को आने वाला दूसरा सिस्टम काफी शक्तिशाली होगा, जिससे पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कई जिलों में बारिश की संभावनाएं बन रही हैं।
उत्तराखंड के लिए यह राहत की खबर है कि जो पहाड़ अब तक सूखे थे, वहां 23 जनवरी के आसपास भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश देखी जा सकती है। इसी दौरान राजस्थान के कोटा, बूंदी और उत्तर प्रदेश के बरेली, मेरठ व मुजफ्फरनगर जैसे इलाकों में भी बादलों के बरसने का अनुमान है। 24 जनवरी तक यह मौसमी गतिविधियां धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ते हुए लखनऊ और शाहजहाँपुर तक पहुंच सकती हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से 26 जनवरी की सुबह या शाम को दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के मैदानी भागों में फिर से बारिश हो सकती है, जिसका असर गणतंत्र दिवस की परेड पर भी पड़ने की संभावना है।
पर्यटकों के लिए अच्छी खबर यह है कि 23 जनवरी के बाद हिमाचल और उत्तराखंड के लगभग सभी प्रमुख हिल स्टेशंस बर्फ की चादर से ढक जाएंगे। यह बर्फबारी ग्लेशियरों और नदियों के जलस्तर को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी मानी जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आने वाली बारिश और मौसम के मिजाज को देखते हुए अपनी फसलों का प्रबंधन करें।